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अख़लीयत एक असलियत

AZAD MADREAZAD MADRE February 2, 2022
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औरों के ख़ातिर ख़्वाब बुनने की,
फुर्सत किसको है यहाँ सुनने की।

जो आ गया अब वही हमारा है,
हमें कब थी आज़ादी चुनने की।
~आज़ाद

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