लड़को का दर्द's image
Peace PoetryPoetry1 min read

लड़को का दर्द

Ayush yadavAyush yadav June 29, 2022
Share0 Bookmarks 0 Reads1 Likes
की हम लड़के है जनाब रोने के लिए भी सौ बार सोचना पड़ता है,
परिवार की जरूरतों के लिए अपनी ख्वाहिशों को बटोरना पड़ता है,
इस जमाने से हमें अकेले लड़ना पड़ता है,

लड़कियां तो कहीं भी रो लेती है,
फिर क्यों हमें अपने लिए एक कोना खोजना पड़ता है...
      

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts