तेरे खातिर खिलौने थे/आयुष कुमार कृष्ण/हिन्दी कविता's image
Love PoetryPoetry1 min read

तेरे खातिर खिलौने थे/आयुष कुमार कृष्ण/हिन्दी कविता

Ayush Kumar KrishnaAyush Kumar Krishna September 25, 2022
Share0 Bookmarks 60 Reads1 Likes

हम तो सीधे सलोने थे

तेरे खातिर खिलौने थे

हुआ जब खेल वो पूरा

खिलौने थे खिलौने थे


तेरा हँसना तेरा रोना

तेरा कहना तेरा होना

वो झूठी बात थी जाना

जो मैंने आज है जाना


तेरे खातिर तेरी बातें

तेरे सपने संजोने थे

हम तो सीधे सलोने थे

तेरे खातिर खिलौने थे|

~आयुष कुमार कृष्ण✍️

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts