विरहन's image
चाँद, तारे, सावन, बसंत, अली, उपवन,
मुहब्बत में जाने क्या-क्या लिखते हैं ?
दर्द, उदासी, आँसू, तड़पन, तृष्णा, उपवास,
होकर मौन बस विरहन की पीर सहते हैं।

#क़लम✍

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