स्त्री's image
सृष्टि के सृजन की सर्जना तुमसे है,
हर इक प्रसंग की अभिव्यंजना जिनसे है,
कन्धों से कन्धा मिलाकर चल रही हैं, अब
मेरा वज़ूद उनसे, मेरी संरचना जिससे है,
मैं इठलाता हूँ, अपने सौभाग्य, अपनी लकीरों पर,
एक स्त्री से मैं हूँ, एक स्त्री मेरे होने से है।

#क़लम✍

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