शहीद-ए-आज़म's image
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सब निहारते रह गए उस सरदार को,
जिसने अधरों से छू लिया अपने ही दार को,
महज़ गिनती भर की उम्र में हो गए आबाद,
वो थे, वो हैं, वो रहेंगे, जब तक रहेगा हमारे जेहन में "इन्क़लाब जिन्दाबाद"।

दार :- फाँसी का फन्दा

#शहीद_दिवस #तर्पण

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