सच's image
हर रोज़ मैं जिसे गुनगुनाता रहा,
वो सच छिपाते रहे, मैं उसे बताता रहा,
हदों में रहकर करती थीं बातें कभी,
आज अनहद उन्हीं चक्षु से अश्रु बहाता रहा।

#क़लम✍

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