सच's image
जैसे-जैसे हिचकियों की रफ़्तार बढ़ती जाती होगी,
सच कह रहा हूँ, हमारी याद आने लग जाती होगी,
याद हैं, साथ जीने-मरने वाली क़समें हमको अब भी,
भूलकर मुझको वो किसी और के संग मुस्कुराती होगी।

#क़लम✍

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