लक्ष्य's image
Share2 Bookmarks 61 Reads5 Likes

मंजिल तुम्हें गर जो पानी हो

करो निर्धारित लक्ष्य को तुम

दृष्टि गड़ा दो लक्ष्य पे ज्योंही

कर निश्चय पग बढ़ा दो तुम


फूलों के संग में ही कांटे होते

कांटो संग में ही ख़ुशबू होती

पास ख़ुशबू तक गर जाना हैं

तो कांटो पर  चल जाना है


दीपक के संग ज्योति होती

ज्योति के संग अंगारे होते

अंधकार गर है मिटाना तो

ज्योति जस जल जाना है


गर रौशन किस्मत करनी है

दीपक जस तो जलना होगा

मंजिल जो गर पानी हो तो

कर्म- पथ पर तो चलना होगा


देख लक्ष्य फिर साध निशाना

मेहनत का तू बाण चला दे

श्रम सागर में लगा ले गोता

जीवन स्वप्न के मोती पा ले


राह में तेरी कंकड़ भी होंगे

बिच-बिच पत्थर आजायेंगे

दृढ़ शक्ति मज़बूत तू रखना

पग हिमालय तब चढ जायेगे


सत्य कर्म पथ, गर चलेगा तू तो

मुस्किल राहें सब मिट जायेगी

चूमेगी कामयाबी कदम तुम्हारे

 मंजिल खुद ही तुम्हें बुलायेगी








No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts