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Diwali PoetryPoetry1 min read

आओ मिलकर दीप जलाये

ashish.kumarmomashish.kumarmom November 3, 2021
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आओ मिलकर दीप जलाये
अंधकार को मिल दूर भगाये
ह्रदय में खुशियां भर के लाये
आओ मिलकर दिवाली मनाये

खुशिओ भरी एक सांझ मनाये
सत रंगी रंगों की रंगोली सजाये
मन मस्तिष्क के  द्वेष मिटा के 
राम सीता को ह्रदय में बसाये

गणेश लख्मी पूजन कर के
मिठाईयो का  भोग लगाये
अन्य धन सुख शांति पाए
सद्भाव और सौहार्द अपनाए

पृथ्वी नव  जगमग हो जब
जीवन मे सुख शान्ति आये
दीप सजी एक थाली हो तो
अलाय जला बलाय भगाये



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