हार ना जाना's image
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मन कभी विचलित हो
हार जाने से पहले
इक दफा पीछे मोड़ 
देखना ज़रुर
और भी तो जूटे है
अवसर के इंतजार में
इक टूटा तो क्या
और कई है कतार में......
पर्वत पर लो जलती देख,
समझ जाना,
इक चुल्हा 
वहां भी पका होगा
सपनों का महल 
वहा भी सजा होगा
कोसो पास खुशियां
तेरे ही इंतजार में 
इक टूटा तो क्या
और कई है कतार में......
सिंधु में उफ़ान
हवा में तूफ़ान
मचा रहे शोर
बगीचा मे मोर
खूबसूरत फ़िज़ाएं भी तो है 
सावन के इंतजार में
इक टूटा तो क्या
और कई है कतार में
रख होसला बुलंद 
अवसर बड़े हैं तेरी राह में.......


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