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तेरा इन्तज़ार

ArtiArti October 10, 2021
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क्या क्या नहीं गुजरा

इन लम्हों में तेरे मुंतिजर के

कभी नब्ज़ थमी कभी सांसे रुकी

कभी धड़कनों ने आहट छोड़ दी

तुम हो तुमने घड़ियों का वादा किया

और सदियों तक तुम नहीं आए हो ...

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