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सौन्दर्य

ArtiArti October 17, 2021
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तुम्हारा ही स्वपन है ये,

मेरे नैनों में, जो सौंदर्य छटा,

बन के छा रहा है,

मेरे तन मन में,

करा रहे मुझे अनुभव,

मेरे कण कण में ...

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