हम मिज़ाज's image
Poetry1 min read

हम मिज़ाज

ArtiArti October 17, 2021
Share0 Bookmarks 46 Reads2 Likes

अब गम का मेरे कोई इलाज नहीं मिलता,

थक गया जुस्तजू में जिस हम मिज़ाज के,

जाने क्या बात है क्यूं वो नहीं मिलता ...

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts