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मुझे कैसे मिटाओगे

Arhaan SiddiquiArhaan Siddiqui March 18, 2022
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कवि हूं छवि नहीं ,

मुझे कैसे मिटाओगे।

आफताब हूं रवि नहीं,

मुझे कैसे डुबाओगे।

अपनी आवाज़ को शब्दों में लिखता हूं,

उसे कैसे दबाओगे।

तंग पहले ही बहुत हो चुका हूं,

और कितना सताओगे,

पर याद रखना जब चला जाऊँगा तो मेरे ही अल्फाज़ गुनगुनाओगे।।


Arhaan Siddiqui

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