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भीतर भी संसार

HimanshiHimanshi December 21, 2022
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है एक संसार भीतर भी कमाल
जहा। नदिया भी झरने भी
समंदर  भी बेमिशाल
है फुलो से भरा कश्मीर भी
है मायाजाल से भरा रेगिस्तान भी
रास्ते प्यारे है 
चाहिए चुनने का हुनर
भी बाकमाल
अंधरो का आस्तित्व नहीं वहा
नूर का पहरा है हर पहर
शोर से मुक्त है
धुन मे मुग़ध है
है एक संसार भीतर भी कमाल

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