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तमाशाई सा बैराग रहे

ankur gupta "ruhsafir"ankur gupta "ruhsafir" October 18, 2021
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समंदर के सीने में कितनी आग रहे

किनारे आते आते सिर्फ़ झाग रहे

दुनिया तमाशा है संजीदा ना होना

मज़ा है जब तमाशाई सा बैराग रहे

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