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दहलीज़ तक आके ना रुको मैं अंदर हूँ

किनारा छोड़ो डूब के देखो मैं समंदर हूँ

हस्ती मिट जाए तो मोहब्बत इबादत हो

आज तेरा दीवाना हूँ कल मैं कलंदर हूँ

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