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कितने क़िस्सों में बटे रहे

ankur gupta "ruhsafir"ankur gupta "ruhsafir" October 13, 2021
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कहीं एक कहानी पूरी हो

कितने क़िस्सों में बटे रहे

कभी ढहती छत को देख देख

हम दीवारों से सटे रहे

वक्त की चालों से बचने को

हर पल बदली अपनी चाल

संग बहे कभी तूफ़ानों के

कहीं आँधी में भी डटे रहे

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