शिकयतें's image
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कूट बंधन में बंध चुकी थी वो,
अलग न होने की हलफ में थी, 
मैने महसूस न किया कि, कसमें 
नही वो प्रेम है उनकी, तन्हा 
न होने का सबब बनी, क्या यही प्यार है?
अब यही शिकायत रह गई उनसे। 

~अंकित

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