Jab Se Roothe Nazar Nahee Aaye's image
Share0 Bookmarks 164 Reads0 Likes

जब से रूठे नज़र नहीं आये

मुद्दतों मेरे घर नहीं आये


जो सितारे मेरे नसीब के थे

अर्श से फ़र्श पर नहीं आये


फैलते देखी सुर्खिये इशराक

ढल गए दोपहर नहीं आये


वो जो आयें तो नींद आएगी

वो अभी तक मगर नहीं आये


इतने नाराज़ वो हुए 'अंजुम'

फिर कभी लौट कर नही आये


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts