गुजरता वक्त's image
Poetry1 min read

गुजरता वक्त

Anjali MishraAnjali Mishra January 12, 2023
Share1 Bookmarks 78 Reads1 Likes
वक्त कुछ ठहर सा गया था।
            नही...
            वक्त कहां ठहरता है।
            
वो तो कभी रुका हीं नहीं,
न किसी अच्छे के लिए
न किसी बुरे के लिए,
रुके तो हम थे बीते वक्त की कुछ अच्छी बुरी यादें लिए।

गुजरते वक्त में ठहरे हम, 
कब बचपन जीते–जीते ,
बचपन की यादें जीने लगे पता भी न चला।

ये भी न पता चला की 
कब हम कागज़ की कश्तियों से खेलते–खेलते ,
कागज़ात संभालने लगे।  

पता चला तो सिर्फ ये की,
वक्त गुजरता जा रहा है,
और हम गुजरते वक्त की यादों में कहीं ठहरते जा रहें हैं।


अंजली मिश्रा 

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts