नज़रिया's image
Share1 Bookmarks 22 Reads1 Likes
तुम्हें हर वक़्त कोई देख रहा है

कभी नाकामयाबी
कभी तुम तक पहुँचती मुसीबतों की कहानी, 

कभी तुम्हारे खूबसूरत सपने
और साथ ही तुम्हारे कुछ अपने, 

कभी देखेगी ये दुनिया तुम्हें एक अजीब नज़र से
और तभी कोई देखता है तुम्हें नज़र भर के, 

बात सिर्फ इतनी सी है, 
कि तुम किसे देखते हो..
किससे नज़रे मिलाते हो..? 
किसे अपनाते और किसे ठुकराते हो..?

- अंजली द्विवेदी

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts