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छोटी सी बात: पिक्चर अभी बाकी है!

Ananya MishraAnanya Mishra March 10, 2022
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मैंने पिछली कहानी में लिखा था कि #Ola के “नॉट-जस्ट-अ-टैक्सी-ड्राईवर” राहुल से कैसे हमारी (मेरी और माँ की) मुंबई मुलाकात हुई और उनके विनम्र व्यवहार से हम कितने अभिभूत हुए।


LinkedIn पर भी मैंने यह अनुभव साझा किया था और ओला कंपनी ने राहुल को शुभकामनाएं देने के लिए सीआरएन नंबर भी माँगा। वो तो मैंने भेज दिया है। लेकिन अब चलते हैं थोड़ा फ्लैशबैक में...उस दिन डेस्टिनेशन पर पहुँचने के बाद राहुल की हमने तस्वीर ली। उन्होंने बताया कि वो Meta,YouTube, Instagram... सब जानते हैं, लेकिन उन्हें हम तस्वीर WhatsApp के माध्यम से भी भेज सकते हैं।


‘लेकिन दीदी, आपके पास मेरा नंबर कैसे आएगा? मैंने फ़ोन तो कंपनी के नंबर से किया था।’‘उसमें नंबर आ जाता है ‘Contact Driver’ के ऑप्शन में...’


‘अच्छा! बढ़िया है!’राहुल मुस्कुरा कर चले गए। हम भी हमारे काम में व्यस्त हो गए।


लौटते समय हमने फिर से Ola बुकिंग की। फिर से मंजिल पर पहुंचे तो ड्राईवर ने रोका और कहा कि कैश पेमेंट बाकि है।


मैं अचंभित थी, क्योंकि मैंने सेटिंग में तो Ola Wallet किया था (शायद?)... चेक करने पर पता चला कि कैश पेमेंट का ही ऑप्शन सेलेक्ट किया हुआ था। ड्राईवर को कैश पेमेंट किया, लेकिन फिर अचानक याद आया कि सुबह भी तो कैश पेमेंट रहा होगा!


तो क्या राहुल का ध्यान नहीं गया? हमारा भी ध्यान नहीं गया? कैसे जाता! हम तीनों आपस में बात करने में ही इतने व्यस्त थे कि मंजिल पर पहुँच कर तीनों में से किसी का ध्यान ही नहीं गया कि ऑनलाइन पेमेंट हुआ ही नहीं है!


मैंने देखा कुल 722 रूपए का बिल बना था। बेहद दुःख हुआ। लगा कि शायद हम सुबह-सुबह की पहली सवारी होंगे राहुल की। वो भी पेमेंट लेना भूल गए।


मैंने ओला सपोर्ट में ऑप्शन देखे जिससे मैं उनसे संपर्क कर सकूं। ड्राईवर का डायरेक्ट कांटेक्ट मिल ही नहीं रहा था। सवारी के पास ड्राईवर का नंबर सिर्फ तब होता है अगर सवारी खुद उन्हें कांटेक्ट करे। सुबह तो राहुल खुद ही समय पर ठीक जगह आ गए थे, इसलिए मुझे उन्हें फ़ोन करने की ज़रूरत ही नहीं पड़ी थी। इसलिए नंबर भी नहीं थाशाम हो चुकी थी। मैंने फिर एक ऑप्शन देखा जिसमें आप ड्राईवर से संपर्क कर सकते हैं अगर आपका कोई सामान कार में छूट गया हो। उसके माध्यम से मैंने राहुल का नंबर ढूँढा। बड़ी ख़ुशी हुई, क्योंकि हम अब उन्हें फ़ोन कर सकते थे। तीन-चार बार फ़ोन किया, लेकिन उन्होंने उठाया नहीं।


मैं ola को ईमेल भेजने ही वाली थी, कि एक दूसरे नंबर से राहुल का फ़ोन आया...


‘अरे! हाँ, दीदी। आपसे आपके इंदौर के बारे में बात करने में इतना डूब गया मैं कि ध्यान ही नहीं गया। आपको ड्रॉप करा, उसके एक घंटे बाद समझ आया कि पेमेंट तो हुआ ही नहीं। मैंने ओला सपोर्ट पर फ़ोन किया, लेकिन उन्होंने साफ़ मन कर दिया, क्योंकि कस्टमर का नंबर नहीं देते। उन्होंने कंप्लेंट करने को कहा। लेकिन सोचा नहीं था कि आप मुझे ढूंढ निकालोगे और फ़ोन कर लोगे..‘


'#BHIM या #GooglePay या और कोई नंबर बता दीजिए। मैं ऑनलाइन पेमेंट कर देती हूँ’


‘ज़रूर दे देता हूँ मैं। थैंक यू सो मच। और मैं Ola को भी बता दूंगा। आप इंदौर के लोग वाकई बहुत ईमानदार और सरल हो। और कोई होता तो शायद भूल जाता... बहुत ख़ुशी हुई आपसे मिल कर। अगली बार जब भी आप या आपका कोई भी परिचित आए, तो आप ज़रूर मुझे बताईयेगा। मैं पूरी मदद करूंगा...'


राहुल ने डिटेल भेजी। हमने पेमेंट ऑनलाइन कर दिया। उनका थैंक यू भी आ गया। और हमने भी उनको बहुत सारा थैंक यू कहा, क्योंकि ईमानदार तो वो हैं! वो चाहते तो हमारी कंप्लेंट करने के साथ-साथ ऑनलाइन पेमेंट भी ले सकते थे - डबल। ये भी हो सकता था कि पेमेंट पूरा होने में काफी दिन लग जाते और उनका नुकसान हो जाता। किन्तु न सिर्फ उन्होंने Ola को जानकारी दी, बल्कि हम पर भरोसा भी जताया। खैर, मैं उन्हें फेसबुक या इन्स्टा पर खोज नहीं सकी हूँ...


लेकिन इस सबसे ज़रूरी बात यह है, कि Ola ने किसी हाल में कस्टमर नंबर लीक नहीं किया। बिल कितने भी कम या ज्यादा अमाउंट का होता, एक कंपनी के लिए अपने ग्राहक की सुरक्षा अमूल्य है, यह Ola ने साबित कर दिया है। ऐसे ‘नॉट-जस्ट-अ-ड्राईवर’ और उनकी कंपनी पॉलिसी वाकई प्रशंसनीय है।



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