YAADEIN's image

कुछ तुम चुन लाना कुछ हम सजाते है 

आओ मिलकर यादें बनाते हैं

हंसकर मै कभी तुम्हे बेचैन कर दूंगा तो तुम कभी मुझे ,शर्मा कर

कभी बिन बोले ही प्यार कर लेना और कभी पूरे जहाँ को दिखा कर 

आओ रात के अँधेरे में खुशियों के सितारे सजाते हैं 

चलो मिलकर यादें बनाते है.

तुम रूठ जाना मुझसे मै भी तुमसे कभी खफा हो जाऊंगा

कभी रख के नाराज़ ही तुम्हे तुम्हारा ही भोलापन दिखाऊंगा

आओ इक दूसरे की नाराज़गी का हिस्सा बन जाते हैं

चलो मिलकर यादें बनाते है

गिलों को शिकवों में तब्दील होने से पहले ही लड़ जाना

और आत्मएहसास होने पर बेपनाह प्यार कर जाना

कभी मेरी गलती पे पहाड़ सर पे उठाना 

कभी तेरी बेवकूफी पे मेरा हल्का सा मुस्कुराना 

खुद से भी और एक दुसरे से पूर्ण हो सके 

आओ ऐसा चाँद बनाते हैं

ख़ुशी की दुःख की प्यार की लड़ाई की 

हर लम्हे की मिल के यादें बनाते हैं . . . . . . . . . . . .

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts