गणतंत्र's image
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सुना है एक संविधान है ,

जिसमे सब समान है,

हर किसी को मिलेगा हक़ , उसमे ये विधान है। 

 

“भारत” गणतंत्र बने महान ,

ऐसी कल्पना इसका आधार है ,

देश सर्वोच्च रहे हरदम ,

यही विचार इसके प्राण है। 

 

 

गर बात सच्ची है ,

फिर क्यों कोहराम है ?

क्यों रस्साकसी रोज़ है ?क्या समझने में सब "नादान " है?

 

 

जनता के लिए,जनता से ,

जनता द्वारा जब सरकार है ,

बढ़ रही इस खाई के लिए फिर , जनता और सरकार दोनों जिम्मेदार है।  





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