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ये भी कोई मजबूरी है

Anand Mohan JhaAnand Mohan Jha October 2, 2021
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फ़ासले बढ़ाने के और भी हैं तरीके

बिना बात रूठ जाने में कहाँ की समझदारी है

दिल भर गया है तुमसे अब कुछ और करना है

ये कह कर भी जा सकते थे तुम

मेरी चप्पल टूट गई है..

ये भी कोई मजबूरी है


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