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जब छलकेगा चांद

Amitabh Ranjan 'Hiimwan'Amitabh Ranjan 'Hiimwan' October 5, 2021
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चलो फेंका है जाकर अब एक पत्थर

तो भीतर पानी के मची है हलचल

उभरेंगे अभी तो और भी वलवले

जब पानी खुद ओढ़ेगा नई काया

चांद भी छलकेगा, उतरेगा सूरज हौले-हौले


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