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मैं न हूँ हारा अभी तक

Amit Radha Krishna NigamAmit Radha Krishna Nigam September 30, 2021
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कभी अधोमुख, कभी आशाप्रद

अपूर्ण लेख-प्रारूप की हद

लेकिन मायूस मन से उम्मीद का

आवरण नहीं उतारा अभी तक

मैं न हूँ हारा अभी तक


अभिव्यक्ति की रचना जटिल है

काव्य का सृजन और मुश्किल है

शब्दों के एक सुन्दर धागे का

परिधान तैयार नहीं सारा अभी तक

मैं न हूँ हारा अभी तक

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