मैं चर्चित नहीं's image
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मैं चर्चित नहीं, स्मरणीय नहीं
मैं सूक्ष्म बिंब हूं प्रकाश का
मेरी तृष्णा केवल ओस नहीं
मुझे मोह सकल आकाश का।

जब मन डरे, मंथन करे
जब द्वेष से ह्रदय कंपन करे
तिमिर, तमस सब त्याग कर
संग करे प्रकाश का।

मैं कल्पित नहीं, निश्चित नहीं
मैं अंत नहीं कयास का
मेरे विचरण का कोई पाश नहीं
मैं स्वयं रूप विपाश का।
- अमित 'तन्हा'

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