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संकट में धैर्य रखना पड़ेगा

Ambuj Garg (Bijnori)Ambuj Garg (Bijnori) December 10, 2022
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मौत का खौफ दिखता सब तरफ है, 

चिताओं का जलता मंज़र हर तरफ है,

घर मे कैद रहकर ही बचना पड़ेगा, 

जीवन को सहेज कर रखना पड़ेगा। 


संकट है भारी,आधी-अधूरी है तैयारी, 

हवा-दवा इलाज सबकी है मारा-मारी, 

मदद का हाथ आगे बढ़ाना पड़ेगा, 

एक-दूसरे का साथ निभाना पड़ेगा।


हो कांटे कितने भी राहों में, 

हो छालें जितने भी पाँवों में, 

गिरकर फिर संभलना पड़ेगा, 

मंज़िल की ओर चलना पड़ेगा।


~ अम्बुज गर्ग

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