मैं हूँ कौन ?'s image
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मैं जागता हुआ स्वप्न हूँ या सोये हुए जज्बात,

मैं सुन नहीं पाया तेरी खामोशी और कहता रहा बस अपनी बात !


मैं ठहरा हुआ वक्त हूँ या बदलते हुए हालात,

मैं देखता रहा दूसरों की हैसियत और भूल गया अपनी औकात !


मैं एक लंबा सफर हूँ या पलभर की मुलाक़ात,

मैं मौत की बाँटता रहा सौगात और जिंदगी से माँगता रहा खैरात !


मैं शतरंज का खिलाड़ी हूँ या मोहरों की बिछी बिसात,

मैं जीतता रहा गैरों से और खाता रहा अपनों से मात!


~ अम्बुज गर्ग

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