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अँधेरे में रहते रहते ख़ुद प्रकाश हो जाते हैं

Amar DixitAmar Dixit December 27, 2022
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अँधेरे में रहते रहते ख़ुद प्रकाश हो जाते हैं 

लड़के खुलते हैं तो आकाश हो जाते हैं।



इनको दिलासा देने को कंधे नहीं मिला करते

ये तन्हाई में जीते सूखी घास हो जाते हैं।



ये लड़के हैं जनाब इनके भी दिल होता है 

छूकर देखो रूह ये कपास हो जाते हैं।



हर खूबसूरत गुल की यही फितरत है

कई हाँथ इनके आस पास हो जाते हैं 



प्यार के बारे में लड़कियाँ क्या जानें

ये तो हर भंवरे के ख़ास हो जाते हैं।



रोना तो लड़कियों की पुरानी अदा है

हम आँसू देखते हैं और उदास हो जाते हैं।



प्यार तो लड़के करते हैं और हद करते हैं

ऐसा करते हैं कि देवदास हो जाते हैं।


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