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अच्छे दिन आने वाले हैं

Amar DixitAmar Dixit December 26, 2022
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बरसों से बंजर भूमि पर बाढ़ लाने वाले हैं

कौए खाकर चले गए अब गिद्ध मांस खाने वाले हैं

सोती जनता को डरा-डरा कर रातों को जगाने वाले हैं

मत पूछो, हँसो, कि कल से दुख के पल जाने वाले हैं

राम राज्य आ गया है,

बस अब, अच्छे दिन आने वाले हैं।


डरो, और देखो पंजा -

अपनी-अपनी गर्दन बचाओ,

है सत्य आजादी जिसके बलबूते आयी;

समय की डिमांड है, भूल जाओ,

डरो, और देखो लाल सलाम

यूरिका -यूरिका, जय श्री राम,

डरो, और देखो झाडू

सावधान! ये सब हैं साढ़ू,

डरो, देखो हरा मकान -

मलेच्छ हैं, मत देखो;

इनको भेजो पाकिस्तान,

डरो, नहीं हम तो बस डराने वाले हैं

सोचो मत, हँसो, कि कल से दुख के पल जाने वाले हैं,

राम राज्य आ गया है,

बस अब, अच्छे दिन आने वाले हैं.....


जागो, किताबें फाड़ दो -

और नेता के तलवे चूम आओ,

व्हाट्सएप्प-ट्विटर से नव ज्ञान लो;

और आत्ममुग्ध होकर झूम जाओ,

जागो,अमरीका है असभ्यता की खान

हमारी है सनातन संस्कारी दुकान,

जागो,यूरोप का सूरज अस्त है

हमारा इंडेक्स लो है पर आदमी मस्त है,

जागो, ड्रैगन उगल आग रहा है

हुँ! नक्सली, यहाँ का हिन्दू जाग रहा है,

जागो, मध्य में कट्टर खेल है -

आतंकवादी हैं, जागते रहो!

अपने काम का केवल तेल है,

जागो, हम तो बस जगाने वाले हैं

सोचो मत, उठो, कि कल से हम विश्वगुरु कहलाने वाले हैं,

राम राज्य आ गया है,

बस अब,अच्छे दिन आने वाले हैं।

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