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अनिश्चितता का अंधकार

amar chandraamar chandra July 23, 2022
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अनिश्चितता के अंधकार में गुजरे समय की कीमत बहुत होती है,
सफलता कभी भी उसका 'मोल' नहीं हो सकती सिवाय एक सांत्वना के अलावा,
इंसान परिस्थितियों में बंधा एक गधा है 
जो जीवन की दुलत्ती खाते रोज मरते हुये जी रहा है।

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