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बेरोजगारी

Aman ChaubeyAman Chaubey April 9, 2022
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देखते-देखते सुबह हो गयी, 
एसी रातों से मैं भी गुजरा हूं, 
भले काली सही वो रात अच्छी थी, 
दिन में ले कर उजाले मैं भटका हूं।

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