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तब समझो कि प्यार हुआ है

AMAN DUBEYAMAN DUBEY January 30, 2022
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तब समझो श्रृंगार हुआ है
तब समझो कि प्यार हुआ है ।।
पलकों के डैने झपते हों
और वही सामने दिखते हों ।
हम अम्बर को तकते हों
चाँद तारे जमीं पर गिरते हों ।।
तब समझो झंकार हुआ है
तब समझो कि प्यार हुआ है ।।
उनको सुख देने में ही
अपने सुख का अनुभव हो ।
इसी एक भाव में होकर
हर पल अनुभूति अभिनव हो ।।
तब समझो कुछ यार हुआ है
तब समझो कि प्यार हुआ है ।। 
तन-मन-प्राण देकर भी
कुछ उनकों देने का मन हो
उनका आना जीवन मिलना
उनका विछोह होते मरण हो
तब पूरा संसार हुआ है
तब समझो कि प्यार हुआ है । 

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