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सब कुछ पहले जैसा

Aman SinhaAman Sinha March 29, 2022
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कजरा वही गज़रा वही आँखों में है नर्मी वही

पायल वही झुमका वही साँसों में है गर्मी वही


टिका वही बिंदी वही गालो में है लाली वही

काजल वही कंगन वही कानो में है बाली वही

चुनड़ वही घागर वही कमर पर है गागर वही

ताल वही और चाल वही घुँघराले से बाल वही

रूप वही और रंग वही चोली अबी भी तंग वही

अंग वही और ढंग वही रहती हरदम है संग वही


तेज़ वही तेवर वही पहने हुए ज़ेवर वही

साज वही श्रृंगार वही रूप पर अपने नाज़ वही


बोली वही गाली वही नैनो की है दुनाली वही

दिलबर वही दिलदार वही है धड़कन की रफ़्तार वही


सुर वही सरगम वही गीतों के है बोल वही

बूँद वही बौछार वही अब भी उसका प्यार वही


आस वही और प्यास वही जीवन का है उल्लास वही

हाथ वही और साथ वही बन जाए जो बात वही


नज़रे वही और लोग वही दिल को लग जाए रोग वही

दवा वही और दुआ वही बह जाए जो हवा वही


मान वही अपमान वही मेरे मन का अभिमान वही

दान वही और ध्यान वही ईश्वर का है वरदान वही


दिन वही और रात वही धरती और आकाश वही

आम वही और ख़ास वही जीवन का है एहसास वही


दूर वही और पास वही मिल जाने का अंदाज़ वही

यहाँ वही और वहाँ वही दिख जाए हर जगह वही


रोग वही और योग वही लग जाए तो जोग वही

मिलन वही है विरह वही लोभ वही और भोग वही


पाप वही है पुण्य वही क्षुब्ध मन का शुन्य वही

मिल जाए तो प्रेयसी और ना मिलने पर स्वप्न वही


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