टूटी फूटी दीवारें's image
OtherPoetry1 min read

टूटी फूटी दीवारें

Aman Pratap SinghAman Pratap Singh January 12, 2022
Share0 Bookmarks 24 Reads0 Likes
घर की टूटी फूटी दीवारें
उन दीवारों पे टंगी 
जंग लगी तलवारें
गवाह है
कब कब किसके ख़्वाब टूटे है
कितनों के डर से हौसले टूटे है
अब वो भी ऊब गया है
भीगतें नयनों में डूब गया है
तलवारें टंगे टंगे थक गए
नए नए हथियार देख भड़क गए
वो खुद को घर का हिस्सा बता रहे
ये नए लोग उनको पुराना किस्सा बता रहे
खैर वक्त वक्त की बात है
सूरज छुप जाए तो रात है
हमसे दुश्मनी भारी पड़ेगी
बस छू जाए तो रक्त बहेगी...

~अमन

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts