रजामंदी's image
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ये किस बात की जुगलबंदी है
हमारे सपनों की चकबंदी है

मोहतरमा से पूछो क्या क्या सहा है 
घर से निकलने की भी पाबंदी है

ताक ले चांद को तो आसमां नाराज हो जाता है
बादलों का कहना है,क्या उससे ली गई रजामंदी है


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