कुछ बातें होंगी's image
Share0 Bookmarks 64 Reads0 Likes
कुछ बातें होंगी
हमारी मुलाकातें होंगी
अधर में जो क़िस्मत पड़ी है
उसकी रातें भी होंगी
अभी थोड़ा हमें संभलने दो
जले कोयले पे चलने दो
इक रोज़ हम चल के आयेंगे
बादलों से सूरज को निकलने दो...
गहरे राज़ है 
घिरे हुए ताज़ है
सारी ख्वाईश दबी सी है
उसका कल हमारा आज है..
~अमन

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts