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मुझे तलाश करो

Alok RanjanAlok Ranjan January 7, 2022
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मुझे तलाश करो

सुनो आओ बैठो मुझे तलाश करो,

दुर हूं मैं तुमसे मिटाओ पास करो।


सबसे करते हैं मोहब्बत मोहब्बत,

तुम इनसे से हटकर भी ख़ास करो।


सबके इरादे एक हो ये सही है क्या,

हमलोग कुछ अलग एहसास करो।


माना हम दो बदन हैं अलग अलग,

धड़कनें बढ़ाओं अब एक सांस करो।


हम एक दुसरे इस तरह हैं शामिल,

खुद से ना मिलें कभी आभास करो।


-आलोक रंजन

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