ना रहने दिया's image
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किस शहर को अपना कहूं जनाब 

जिसने मुझमें मुझी को न रहने दिया


वो प्यास ना रहने दी वो पता न रहने दिया

जुल्फों का वो चिराग ना रहने दिया इक मुकम्मल फासला भी न रहने दिया।

और क्या चाहा था तुम्हे चाहने के बाद

कि वो चाहत भी न रहने दी ना वो चाहने वाला ही रहने दिया।


अजीब यारी है बावस्ता बसर से अब

खुद का पता भी न दिया ना कुछ और अब पता भी रहने दिया।

KuldeepDwivedi "Kd"

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