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ये क्या बात है

aktanu899aktanu899 May 13, 2022
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कैसा ये शोर है ,कैसी ये तन्हाई है

कैसी ये वफा है ,कैसी ये बेवफाई है।


ये क्या खामोशियां हैं ,ये क्या गुफ्तगू है

शुरू भी न हुई कि खत्म होने को आई है


ये कैसी नजदीकियां हैं, ये कैसी दूरियां हैं

ये कैसा बेगानापन है,ये कैसी आशनाई है।


उनका जिक्र तक भी कभी न आया मेरे लबों पर

फिर ये क्या बात है, ये कैसी रुसवाई है।








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