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शेष है जीवन तुम्हारे अंदर

aktanu899aktanu899 March 26, 2022
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दहला देने वाली अमानवीय यातनाओं के ,

युद्ध की विभीषिकाओं के ,

जीवन में व्याप्त विषमताओं के ,

जग में व्याप्त असमानताओं,

भेदभाव ,अत्याचारों ,

अनाचारों के दृश्य ,उनकी खबरें,

यदि थोड़े सी भी संवेदना ,दया ,

करुणा जगाते हैं तुम्हारे भीतर

तो समझना, शेष है जीवन तुम्हारे भीतर

अब भी धड़कता है तुम्हारा हृदय ।


यदि मिलती हैं तुम्हारी आंखें किसी से

और कर लेते हो तुम मौन संवाद ,

तो समझना अब भी है प्रेम तुम्हारे भीतर ,

अब भी अपार संभावनाएं शेष है ,

बदल सकते हो तुम बहुत कुछ

अगर चाहो तो।


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