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मुझे तुझसे प्यार नहीं

aktanu899aktanu899 February 1, 2022
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कुछ अजीब सा लगेगा तुझे ,पर हकीकत तो यही है

कि गर तुझे मुझसे नहीं, तो मुझे भी तुमसे प्यार नहीं।

इक वक्त हसरत तो बहुत थी कि तूं मुझे अपना बना लेती

किये मैंने इशारे भी पर तेरे लबों पर कभी आया इकरार नहीं।

जो भी था दरमियाँ हमारे ,यूं ही दफन हो गया दिल में

न मैं कर सका बात, तुझसे भी कभी हुआ इजहार नहीं।

अब ऐसे तो कैसे गुजरती उम्र यूं ही उलझनों में इंतज़ार में

कि तेरे लबों पर आया कभी इंकार भीनहीं इजहार भी नहीं।

कोई वादा कभी लिया नहीं ,कोई कसम तूने कभी दी नहीं

मैं क्या करता तूने कभी भी किया मुझसे इसरार ही नहीं।

और जमाना था वो जब तेरे कूचे से गुजरे बगैर दिल को

आता था करार नहीं पर अब ये दिल उतना बेकरार नहीं।

अब जबकि जुदा हैं रास्ते और मंजिलें तेरी मेरी तो क्या

तूं खुश रह मैं भी खुश रहूं अब इस बात पर तकरार नहीं।


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