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मैं नहीं जानता

aktanu899aktanu899 June 27, 2022
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मैं नहीं जानता कौन रखेगा मुझे याद

मेरे जाने के बाद;

क्या मैं कर रहा हूं ऐसा

जो जग रखेगा मुझको याद

पर न जाने क्यों

मैं रह जाना चाहता हूं

कुछ ऐसे लोगों की स्मृतियों में

जिनका मुझसे नहीं है कोई भी औपचारिक परिचय।

पर न जाने क्यों मुझे लगता है कि

मैं जानता हूं उन्हें,

समझता हूं उनकी पीड़ाओं का मर्म,

सुनता हूं उनके उल्लास के स्वर

जो पहुंचते हैं मुझ तक,

मैं भी पहुंचा पाता हूं उन तक अपने शब्द।

बस इतना ही चाहता हूं मैं,

आज से वर्षो बाद

जब कभी वो बैठे हो अपने एकांत में,

तो बरबस मुझे याद कर

उनकी आंखों से

या तो एक आंसू टपके

या फिर अधरों पर उभरे एक मुस्कान।


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