क्यों's image
Share0 Bookmarks 56 Reads1 Likes

किसी और के साये तले

क्यों दबी रहे तेरी परछाई,

तेरे वजूद को क्यों हो ,

किसी और के सहारे की जरूरत ,

क्यों किसी और के नाम से

हो तेरी शख्सियत की पहचान,

क्यों कोई और लिखे तेरी जिंदगी का उनवान।


क्यों तेरे रास्ते कोई और चुने,

क्यों तेरी आंखों के लिए ख्वाब कोई और बुने ,

क्यों तेरा हमसफर कोई और चुने।


तेरा चुनने का हर हक तेरा

अपनी खातिर कहने सुनने का हर हक तेरा

तेरा हर हक तेरा,तेरा हर फैसला

क्यों किसी और की जागीर हो।


क्यों कोई तुझपे थोपे बेवजह पाबंदियां,

क्यों भला औरों की लिखी तेरी तकदीर हो।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts