क्या कभी's image
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जिनके प्रति उत्तरदायी हो तुम

जिनके दुखों का कारण हो तुम

उत्तर दो क्या उनके,


मुरझाये हुए स्वप्नों को

क्या पुनः कभी खिला पाओगे ?


टूटे हुए विश्वासों को

क्या कभी भला जोड़ पाओगे ?



अश्रु हैं जिन नयनों में

क्या भला कभी तुम पोंछ पाओगे?



अधरों पर बसे मौन को

क्या कभी स्वर दे पाओगे ?


छोड़ी हुई पगडंडियों पर

क्या कभी लौट पाओगे ?


छूटे हुए हाथों को

क्या फिर कभी थाम पाओगे?


थके हुए मनों की क्लांति

क्या कभी मिटा पाओगे?


सोये हुए उनके शब्दों को

क्या कभी जगा पाओगे?


नयनों में जो बसी है उदासी

क्या कभी हटा पाओगे?


तोड़कर मौन अपना

क्या छिपे हुए स्वर अधरों पर ला पाओगे?


तोड़कर सारे बंधन

क्या अपना मन कभी दिखला पाओगे?


जो पल रहे हैं भाव

क्या सहज होकर कभी जतला पाओगे?



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