कहां जाएं's image
Poetry1 min read

कहां जाएं

aktanu899aktanu899 May 22, 2022
Share0 Bookmarks 97 Reads1 Likes

यूं ही गुजा़र दी सारी जिंदगी

इस बात की पशेमानी लेकर कहां जाएं।


अब तक जो ठहरी हुई हैं सीने में

वो सब बातें पुरानी लेकर कहां जाएं।


वक्त पर न मिलीं जो

ऐसी सब मेहरबानी लेकर कहां जाएं।


कोई जानता नहीं तो क्या ,जो हमें पता है

वो दिल में छुपी हुई बेईमानी लेकर कहां जाएं।


बिछड़े तो मगर ,जो साथ अब तक हैं

वो सब तेरी निशानी लेकर कहां जाएं।


जो किसी से कह न पाए, कभी सुना न पाए

वो सब कहानी लेकर कहां जाएं।


उम्मीदें सबको है हमसे अक्लमंदी की,मगर

दिल में जो बच्चा है उसकी नादानी लेकर कहां जाएं।


जो गंवा दी यूं हीवो अपनी बीती हुई जवानी लेकर कहां जाएं।



No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts